इंजीनियरिंग के बाद शुरू की शू पॉलिश – Innovative Business Idea (Hindi Story of Sandeep Gajakas)
” संघर्ष में आदमी अकेला होता है| सफलता में दुनिया उसके साथ होती है|जिस – जिस पर ये जग हँसा है, उसी ने इतिहास रचा है|”
ये बात सच कर दिखाई है, मुंबई के ”संदीप गजकस” ने| जिन्होंने अपनी इंजीनियरिंग को छोड़ कर वो काम करने का फैसला लिया, जिसे लोग शायद मजबूरी में भी ना करना चाहे| वो काम है – जूता पोलिशिंग और रिपेयरिंग का|
हाँ ये बात बिल्कुल सच है| संदीप ने देश का पहला जूता पोलिशिंग और रिपेयरिंग का बिज़नेस शुरू किया| उन्होंने अपने यूनिक बिज़नेस आईडिया के कारण शानदार सफलता पाई और देखते ही देखते आज उनकी कम्पनी देश के 10 राज्यों में पंहुच चुकी है|इतना ही नहीं संदीप की कंपनी कई मशहूर बड़े ब्रांड Puma, Reebok, Nike और Fila समेत कई बड़ी कम्पनिया जुड़ी हुई है| |
विदेश जाने का फैसला बदलकर, शू पॉलिशिंग का बिज़नेस शुरू किया

इंजीनियरिंग करने के बाद संदीप जॉब के लिए गल्फ जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन उसी समय अमेरिका में 9/11 का आंतकवादी हमला हुआ जिसके बाद संदीप ने विदेश जाने का इरादा छोड़ दिया और शू लांड्री बिज़नेस शुरू करने का फैसला किया|
घर वाले नहीं थे खुश
संदीप ने जब ये फैसला अपने परिवार को सुनाया तो उनके घर वाले इस बात से बिल्कुल खुश नहीं थे| जाहिर है वे खुश भी कैंसे होंगे| क्योकि कौनसे माता-पिता ऐसे होंगे जो अपने बेटे को इंजीनियरिंग छोड़ कर जूता रिपेयरिंग और पॉलिशिंग करते हुए देखना चाहेंगे|
लेकिन फिर भी संदीप पूरी दुनिया की आवाज को अनसुना करके अपने दिल की सुनी| संदीप ने 12000 रूपये खर्च कर बिज़नेस शुरू किया और बाथरूम को वर्कशॉप बना कर दोस्तों और रिश्तेदारों के जूते पॉलिश और रिपेयरिंग करने का काम शुरू किया| धीरे-धीरे उनकी मेहनत संघर्ष की और बढ़ने लगी| उन्होंने संघर्ष जारी रखा और धीरे-धीरे उनका संघर्ष सफलता में बदल गया|
पुराने जूतों को बिल्कुल नया बनाने के इनोवेटिव तरीके खोजे
खुद संदीप कहते है – “मैंने सबसे ज्यादा समय अपनी रिसर्च पर दिया| क्योंकि मैं कुछ ऐसे इनोवेटिव तरीके खोज रहा था, जो पुराने जूतों को एकदम नया बना दे, इसलिए मैंने पहले फ़ैल होना सीखा और वो तरीके खोजे जो मुझे नहीं करने चाहिए थे| और आखिरकार मैंने 2003 में देश की पहली ‘ The Shoe Laundry Company ‘ शुरू की|

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